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Hymn No. 630 | Date: 20-Jan-1999
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हक तूने बहुत कुछ दिया है हमें, कर गुजरनें के लिये।
हक तूने बहुत कुछ दिया है हमें, कर गुजरनें के लिये।
सौदा ना किया तूने कभी हमशें, कीसी बात के लिये ।
अमिट छाप छोडा है दिलों पे हमारें, तूने हर मुलाकात में ।
प्यार की हर धारणा को बदला है, दिखाया प्यार का tनें अनछुआ पहलुं ।
तेरे सामनें जब – जब गये, टुटतें हुये पाया जीवन की वर्जनाओं को ।
मोहक है तू इतना मन से दूनिया का हर ख्याल मिटतें पाया ।
हमारें हर चूक को किया नजरअंदाज तूने, चुंक ना हो हमशें फिर कभी ।
प्यार में तेरे दिल जब भी सीसका, सबकें करीब तुझको पाया ।
सर्वोत्तम के बारें में सुन रखा था, तूझें देखकें सर्वोत्तम को जान हमनें ।
कहनें को बहुत कुछ है हमें, जानकें सब कुछ मौंन होना तुझसे सीखा ।


- डॉ.संतोष सिंह