VIEW HYMN

Hymn No. 644 | Date: 23-Jan-1999
Text Size
इक् को पाया तो सबको पाया, खुद को खोया प्रभु को पाया ।
इक् को पाया तो सबको पाया, खुद को खोया प्रभु को पाया ।
अनहोनी लगती है साथ मीलता है प्रभु का होनें पे जुदा सबसे ।
हम ख्यालों से कहीं उपर, वास रहता है दिल के पास उसका।
सायें की तरह रहता है संग हमारे, इक् हसीन खॉब है यें दुनिया ।
जीवन के हर सुनहरें क्षणों का कोई नहीं है कीमत ।
मिटता है सब कूछ इक् दिन, हाथ कूछ नहीं आता ।
खुद को सताकें क्या फायदा, छोड दें सब कूछ उसकें उपर ।
वो सब कूछ कर दिखायेंगा, उसकें जैसा साथ कोई निभा ना पायेंगा ।
बिन कुछ कीयें तू साथ उसका पायेंगा, करतें हुये ना करनें का अहसास होगा।
परिणाम की परवाह ना होगी, खुशी ना खुशी से कहीं उपर तो उठता चला जायेगा ।


- डॉ.संतोष सिंह