My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 649 | Date: 24-Jan-1999
Text Size
फौलाद को भी पीघलतें देखा है, प्रभु के तेरे प्यार के आँच में तपकें ।
फौलाद को भी पीघलतें देखा है, प्रभु के तेरे प्यार के आँच में तपकें ।
जमानें को झुकतें देखा है, तेरे प्रेमीयों के साथ प्यार में बहतें देखा ।
कोई शोर ना रहता है, ना ही शीकायत, प्यार की गूँज होती है दिलों में ।
नभ हो या जल हर इक् जगह प्यार करनें वालों को हमनें विचारतें देखा ।
होश में ना रहतें, मदहोशी में वे अपना हर करम है करतें ।
दांतों तलें उंगली दबा लेता हूँ, दूनियादारी को निभातें हुये प्यार तुझसे है करतें ।
करनें का उन्हें भान ना होता है, वे तो तेरे प्यार में रहते है रमें ।
ज्ञान की हर सीमा को टूटतें देखा, प्यार में शरण लेतें देखा ।
अंजान ना कोई है इससे, इसकें वश में सब कूछ है तीनों लोक में ।
अनसुना ना किया प्रभु ने प्यार की आवाज सुनकें दौडा चला आया ।
हर सब्र के बांध को प्यार में टूटतें देखा, दिलों को प्यार में जुडते पाया ।
प्यार में प्रभु को पातें देखा, हर मर्यादा तोड़कें प्रभु को साथ निभातें देखा।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
चित्त में तू है मर तो डर कीस बात का
Next
विशिष्टता की चांह ना है मुझे, तेरे प्यार कें कूछ वास्तें कुछ करना हूँ चाहता ।
*
*