My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 661 | Date: 27-Jan-1999
Text Size
तरसता हूं मैं कीसकें लिये, रास नहीं आता कुछ मुझें ।
तरसता हूं मैं कीसकें लिये, रास नहीं आता कुछ मुझें ।
ऐंसी कौन सी लगन लग गयी, कुछ नहीं सुहाता दिल को मेरे ।
पास मेरे तू आकें बता जा, फँसा क्यों नहीं पाता तूझें ।
क्याँ चाहता हूँ मैं तुझसे, क्यों नहीं कर पाता हूँ खुदशें
जुदा कब हुआ था मैं तुझसे, मुझें कुछ भी समझ नहीं आता है क्यों ।
क्या रिश्ता है तेरा – मेरा, कब बतायेंगा तू मुझे ।
पास बुलाया क्यों, जब जताना ना था प्यार तूझें ।
मजबूर हें हम दिल कें हाथों, स्वीकार कब करंगा तू हमें।
लगन आधी – अधुरी हमारी, मगन कब होनें लगेंगे तुझमें ।
जाने अंजाने सवाल है बहुत से मन में, कब देगा तू जवाब हमें ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
लिखानें वाला तू, लिखनें वाला मैं ।
Next
सांसों में रहती है यें आश तू रहता है सदा साथ ।
*
*