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Hymn No. 676 | Date: 30-Jan-1999
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नाचें – नचायेंगे, हम तो प्रभु के गुण गायेंगे ।
नाचें – नचायेंगे, हम तो प्रभु के गुण गायेंगे ।
सुबह हो या शाम, काम होगा प्रभु का लेना नाम ।
रहे वो कीतना दूर, दिल में होगा वास उसका ।
ना हो हम कीसीके मोहताज, हर पल हो वो साथ ।
जाम पे जाम पीते जायेगे, दिन रात नाम कें उसका।
जो भी होगा देखा जायेगा, प्रभु का नाम लेतें जायेगे।
गातें – बजातें हर पल बड़ेंगे कदम तेरे दर की ओंर ।
चैंन ना लेने दूंगा तन – मन को जब तक दीदार ना होगा ।
बैचन हूँ मैं इतना मुलाकात के लिये तन से पहलें दिल पहुंचे ।
तेरा सान्निध्य पानें के लिये खो जान चाहता हूँ तुझमें ।


- डॉ.संतोष सिंह