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Hymn No. 678 | Date: 30-Jan-1999
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ध्यान की बात ना है करनीं, हमें तो तेरा नाम लेना है प्रतिपल ।
ध्यान की बात ना है करनीं, हमें तो तेरा नाम लेना है प्रतिपल ।
भूलाना ना है कीसीको, भुल जान है खुदको तुझमें बन् हिचक कें ।
कोई कसर बाकी ना है रखनी, न जाने कब बुलाव आ जाये तेंरा ।
तेरी हर बात के आगे कुछ ना है सोचना, तेरा नाम लेतें हुये चल पड़ना ।
जो होगा वो देखा जायेगा, दिल तेंरा गीत गातें हुये बडता जायेगा ।
गम और खुशीयाँ आते रहेगे जीवन में प्रतिपल, हमें तो आनंद में रहना होगा।
सहजता से जीवन जीतें हुये तेरे बतायें हुये मार्ग का अनुसरण करना है सरलता से ।
पूरें ना होतें है कभी मन के अरमान, दिल जो जुड गया तूझसें आपोंआप पुरा हुआ सब ।
सच्चें प्यार का असर होता है ना कभी खत्म, एक बार को हुआँ तो सदा के लिये हो गया ।
आशीष है हमपे उसका सदा से, एक बार जो बढें तो बिना पहुचायें मानेंगा नहीं ।


- डॉ.संतोष सिंह