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Hymn No. 689 | Date: 01-Feb-1999
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जहाँ कुछ नहीं होता, वहाँ सब कूछ होता है, तेरे प्यार में सब कूछ होता है ।
जहाँ कुछ नहीं होता, वहाँ सब कूछ होता है, तेरे प्यार में सब कूछ होता है ।
रोता हुआ हंस उठता है देखते तूझें, हवा हो जाती है दिल की हर उदासी ।
मन जो रूकता न था एक जगह, शांत हो जाता है पास आकें तेरे ।
हर हालात से उबर जाते है, जो साथ तेरा पा जातें है ।
कहनां ना पड़ता है कूछ तुझसे, जो दिल ही दिल बात हो जाता है तुझसे ।
सकून जो गवाया भटक के संसार में, तेरे पास आतें सुकून मिलता है ।
जीवन जीनें का नजरीयाँ बदल गया, जो पास पहुंच गये तेरे हम ।
प्रभु का दर्शन किया था कई बार, पहचानना सीखा तेरे चरणों में आके ।
अनसुलझें कई बातों को युं ही जानता चला गया, तेरे गीतों को सुनातें हुये।
कहाँ से कहाँ तक पहुंच गया, तेरा जो साथ मिला जनमों जनम का खेल खत्म हुआ ।


- डॉ.संतोष सिंह