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Hymn No. 697 | Date: 03-Feb-1999
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ऐं मेरे चाँद – सुरज तेंरी प्यार भरी रोशनी को ।
ऐं मेरे चाँद – सुरज तेंरी प्यार भरी रोशनी को ।
कब बसा लूंगा दिल में, टपपे प्यार की बूंद बनकें ।
निगाहो को बंद करकें, हम झुमेंगे भीतर – भीतर संग तेरे ।
हर प्यास मिट जायेगी, कई जनमों की अंगन शांत हो जायेगी ।
लालायीत हूँ मैं तेरे लिये, प्यार भरें राह पे कुछ कर गुजरनें के लिये ।
निर्भीक बन जाऊँ, कदमों को कोई डिगा ना सकें बढ रहे है तेरी और ।
मुश्किल ना हो मुझे कीसी से, ना बनूं मुश्किल कीसी के वास्ते ।
हम तो कफन बांध के निकलें है तेरे प्यार में मिटनें के वास्तें ।
दुनिया की हर राह बंद हो जाये कोई गम ना है दिल को।
हम तो बढ चूकें है तेरी ओर बिन पहुंचे दम ना लेंगे।


- डॉ.संतोष सिंह