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Hymn No. 705 | Date: 05-Feb-1999
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प्रभु कें पास जान है तो, सब कुछ छोडना होगा।
प्रभु कें पास जान है तो, सब कुछ छोडना होगा।
अपने हर कर्तव्य को करतें हुये, प्रभु धर्म निभाना होगा।
उसपे बतायें मार्ग पे, परम् विश्वास के संग चलना होगा।
कोई कसर बाकी ना रहनें देंना, प्यार तू करना इतना उसे ।
आज वो दूर लगता है हर पल तू सदा उसें पास पायेंगा।
जो तू कर छोडा है अधुरा, उसको पुरा कर दीखायेंगा।
दिल ही दिल में तू उससे बतियायेगा, आनंद में तिरता रहेगा सदा।
जग का कोई ख्याल ना छु पायेंगा, भीतर अपने तू उसको पायेंगा।
प्यार की पुकार को अनसुना ना किया कभी, उससे अलग कोई नहीं ।
मनन पूर्वक जतन है करना, बिना कहीं गये होगा पास तेरे ।


- डॉ.संतोष सिंह