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Hymn No. 706 | Date: 05-Feb-1999
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जनमों जनम की प्यास लगी है, वो आज बुझ जाने दें ।
जनमों जनम की प्यास लगी है, वो आज बुझ जाने दें ।
दूर तुझसे बहुत रह लीया, आज करीब आ जाने दें तेरे ।
अनसुनी ना कर पायेंगा तू पुकार मेरी, खुद नहीं तो मुझको बुला लें पास तेरे ।
साथ निभाया है मानव तन में रहके, हाँ भटका हूँ कई - कई बार ।
तेरा कहा हुआ किया मानतें है, हमनें मनमना किया बहुत बार।
दिल की पुकार हें दिलदार, आज तूझें आनां होगा पास मेरे ।
क्यों नहीं आता है तू, ऐंसा कौनसा कारण रोकें रखें है तूझे ।
मिटा दूंगा आज मैं उसे, प्यार के हथियार से।
संवार दें तू मुझे, अपना अनमोल प्यार देकें ।
वो सब कर दिखाऊँगा, जो चाहता है तू मुझसें, सहें सर पे सदा हाथ तेरा ।


- डॉ.संतोष सिंह