My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 708 | Date: 05-Feb-1999
Text Size
उसकी बात करता है तू फिर क्यों आस रखता है ।
उसकी बात करता है तू फिर क्यों आस रखता है ।
विश्वास रख तू उसपे, पूरा करेगा हर काम बिन कहे ।
मन में न आने दे तू कुछ, इतना दृढ प्रतिज्ञ हो जा ।
जनम मत लेने देना इच्छाओं को, हर कर्म करना बनके उसका ।
परवाह न करना सच्चे-झूठे की कोई रूंठे या हँसे रंज इस बात का न रखना ।
हित हो न अहित इससे परे होके ध्यान में खुदा को रखके कुछ भी करना ।
सार्थक है यहा सब कुछ, निरर्थक न है कुछ जग में ।
आये है हम सब अकेले, जायेंगे छोड़ सबको अकेले ।
काम कोई नहीं आयेगा, साथ सदा तो तेरा निभायेगा ।
ढलना है उसके सोच में, जीवन की आँच में पक के ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
आज शरारत करनें को मन करता है, अब तक छिपा रहता था तू ।
Next
जो कुछ भी है प्रभु का, प्रभु के सिवाय नहीं किसीका ।
*
*