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Hymn No. 719 | Date: 08-Feb-1999
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बहुत साथी पायेगें तुझसा न होगा कोई ।
बहुत साथी पायेगें तुझसा न होगा कोई ।
कई होगें रिश्ते हमारे, तेरा है सबसे प्यारा ।
तूने जो सिखाया, वो कोई ना सिखा पाया हमें ।
जनमों जनम साथी मिले कई, तेरा साथ सबसे अनमोल पाया ।
तेरे पास आके दुनिया भरके जंजाल से खुद को मुक्त होते पाया ।
छूट जाये पीछा हमारा सबसे, तेरे करीब आ जायें हम ।
रब अब देर न कर तूं, समय से पहेले हमें बुला लें ।
प्यार की लोरी सुनाके, गहरी नींद में सुला दे ।


- डॉ.संतोष सिंह