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Hymn No. 724 | Date: 08-Feb-1999
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करेगा बेड़ा पार हमारा सदगुरु, मर्जी जो है उसकी वही तो होना है ।
करेगा बेड़ा पार हमारा सदगुरु, मर्जी जो है उसकी वही तो होना है ।
मुक्त जीवन जीया है, जगत में वो, मुक्त होके जिना सिखायेगा ।
बहुत दूर रह लिये उससे, दिल के करीब बुलायेंगा ।
अनसुनी न करता है वो, सुनता है हमारी हर प्रार्थना
खंडहर था ये जीवन, सुखद हो गया जो संग अपने ले लिया ।
पाला-पोसा हमें सदा, वो जब हमने न जाना था उसको ।
भूलें हुये थें हम उसको, भूला न था कभी वो ।
हक न था हमारा कुछ, हकदार बनाया न जाने क्या-क्या का ।
वो सब कुछ किया, जो था हमारे हित में ।
डगर पे परम विश्वास के संग डग भरना सिखाया ।


- डॉ.संतोष सिंह