My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 725 | Date: 09-Feb-1999
Text Size
माता कहूँ या पिता क्या फरक है पड़ता ।
माता कहूँ या पिता क्या फरक है पड़ता ।
जो तू है वहीं रहने वाला, तेरे आगे दुनिया का कोई नियम न है चलता ।
रिश्ते तो तुझसे अनेक है, निभाना तो कोई एक है ।
हर रिश्तें में प्यार का रिश्ता है सबसे सुहाना ।
जिसका दिल इसमें लग गया. उसने तुझको जाना ।
मजबूर करता है, पास गये बगैर चैन न आता ।
प्यार में पुकार लेते है, कुछ भी करके तो आता है जरूर तू तो ।
फिर भी समझ नहीं आता, दिल को क्या हो जाता है ।
प्यार में पास तुझें अपने पाते ही, हर पल है बतलाता ।
होश में हम न रहते य ही प्यार है कहलाता ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
करेगा बेड़ा पार हमारा सदगुरु, मर्जी जो है उसकी वही तो होना है ।
Next
तेरे सामने बैठते है रोज, कहाँ है बहुत कुछ तू ।
*
*