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Hymn No. 762 | Date: 17-Feb-1999
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इतना बता दे तू मुझे कहीं सताता तो नहीं ।
इतना बता दे तू मुझे कहीं सताता तो नहीं ।
सजा जो चाहे तू दे देना, हँसके हम कबूल कर लेंगे ।
पर हमे अपने आप से दूर न करना, पल भर के लिये ।
देखते हुये तुझे कट जायेगी सारी सजा चुटकी भर में ।
तेरे पास रहने से, मेरे प्यार को पनाह मिल जायेगी ।
दामन पे लगा हुआ हर दाग अपने आप मिटता चला जायेगा ।
हर काम करते हुये, तेरे प्यार में डूबते जाएँगे ।
भूलेगे सब कुछ, भूलेगा न दिल तुझको, तेरा नाम लेके जायेगे ।
तेरा प्यार पाना अगर गुनाह है तो गुनाह कर बैंठे ।
सजा जो तू चाहे दे देना, तेरे करीब हम आयेंगे जरूर ।


- डॉ.संतोष सिंह