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Hymn No. 764 | Date: 17-Feb-1999
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गजब हो गया, गजब हो गया, तेरे प्यार को समझने जब मैं चला ।
गजब हो गया, गजब हो गया, तेरे प्यार को समझने जब मैं चला ।
एक हालात से निकला, दूसरे हालात में पहुँचा यार तुझको पाने जब मैं चला ।
बदलते गया सब कुछ ढलते गया, प्यार में तेरे अनुरूप हम बनते गये ।
न पास आया तू, न दूर गये हम, धीरे- धीरे हम करीब तेरे होते गये ।
पूजा बहुत, बहुतों को कई-कई बार, पास आये तेरे तो जान गये पूजना किसको चाहिये।
वादे किये कई, निभाना जाना एक, तू जो मिल गया तो अपने आप सीख गये ।
भटका कहाँ न था गया था सब जगह, तेरे पास आके मंजिल को पहचान गये ।
सपने थे हजारों हजार, अपूरे थे सब के सब, रब जो तूने चाह लिये हमने पा लिया ।
गलत समझा न था, सब पता न था, जो गाया गीत तूने प्यार का सचमूच समझ आ गया ।
हरदम रहता था, फिर भी सच ना था जो दिल के तुझसे जुड गया दूर जाके पास तेरे आ गया ।


- डॉ.संतोष सिंह