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Hymn No. 805 | Date: 27-Feb-1999
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खेल रहा है दिल मेरा, गीतों से भरे रंगो की होली ।
खेल रहा है दिल मेरा, गीतों से भरे रंगो की होली ।
जलायी है इच्छाओं और कामनाओं की होलिका, रंग में रंगने के लिये तेरे ।
नजरो से बरसाता है तू गुलाल हमपे, लाल-लाल हो जाते है प्यार से ।
दौड़ेंगे न आज तुझे, रंग देंगे तेरे ही रंगो से तुझे ।
भेद मिटा देना चाहता हूँ तेरे-मेरे बंधनों का ।
कर देंगे सराबोर तुझको प्यार से, भीगेगा तू प्यार के रंग में ।
नजर न आयेगा तू किसीको, अने रंगो से इतना रंग देगे तुझको ।
तोड़के सारे बंधनो को खेलेंगे हम आज होली तुझसे ।
मना करेगा तू बहुत मानेगे न हम बिन रंगे तुझे न छोडेगे ।
पूर्ति होगी एक, रंग दे तू या रंगने दे हमें, प्यार की होली खेलेंगे जरूर ।


- डॉ.संतोष सिंह