Hymn No. 818 | Date: 05-Mar-1999
न खुशी होना चाहता हूँ न दुखी, हम तो तेरा प्यार चाहते है ।
न खुशी होना चाहता हूँ न दुखी, हम तो तेरा प्यार चाहते है । मिल भी गया तो क्या, न मिला तो क्या, तेरा मिलना तो है पूर्ण विराम। न काम चाहिये न ही आराम, जो तू चाहे वही करना है काम । न बहुत फूर्तीला बनूँ, नही आलसी, जितनी तू चाहे उतनी दौड लगाऊँ । प्यार तो तुझसे है कमी न हो उसमें, संसार का मोह मिटाना है तुझें । दिल की अभी चलती नहीं, मन को मनमानी करने देता नहीं, सही राह पे तू है ले जा सकता । आगे की न पडी है, पीछे का कुछ गम नहीं, दम भरता रहूँ तेरा नाम लेने के लिये । तलाश न है किसीकी जो साथ हूँ तेरे, तू चाहेगा तो बन जाऊँगा तेरा । अलग सा कुछ नहीं, सबके जैसा भी नहीं, प्रभु तू जैसा चाहे वैसा बनना चाहूँ। अनुराग है मुझे सबसे होके न होके, तेरी यादो में पाता हूँ सब में तुझकों । छोड़ना न है मुझे कुछ, छुडा दे मुझको सबसे, मुकाम बना लू तेरे दिल में तेरा बनके । न याद करता हूँ, न ही फरियाद, ये तो प्यार की आवाज प्यार के लिये ।
- डॉ.संतोष सिंह
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