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Hymn No. 835 | Date: 10-Mar-1999
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बदलता है सब कुछ संसार में हर पल, बदल जाता है न बदलने वाला ।
बदलता है सब कुछ संसार में हर पल, बदल जाता है न बदलने वाला ।
समय के संग बदलता रहता है संसार सारा, माया में डूबे हुये हम जान नहीं पाते ।
संजोया हुया छूटता है नजरो के सामने, जिसने प्यार किया था मुख मोडता है संसार से ।
व्य़था भरा जीवन हैं जीते, हर जनम में वही, पुरानी कथा है दोहराते ।
पगलाये से करम है करते नाम के चक्कर में, तन बदलते ही फेर में पड़ते दूसरे करवाता है तू सब कुछ जान न पाया, कई बार करीब आया पहचान न पाया जाग के ।
बुत के आगे मत्था टेका, साक्षात धरा पे तुझे पहचान न पाया ।
बदलते-बदलते बदल जाना है तेरी कृपा से हम सभी को है बदल जाना ।


- डॉ.संतोष सिंह