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Hymn No. 836 | Date: 10-Mar-1999
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पूजा तो प्यारी है, प्यार तो सबसे प्यारा ।
पूजा तो प्यारी है, प्यार तो सबसे प्यारा ।
प्यार से प्रभु को अपना यार बनाते पाया ।
डर से शुरु की थी पूजा प्रभु की ।
प्यार में तो हर डर मन का निकलते पाया ।
प्यार में तो सूली पर चढ जाने की तमन्ना रहती है ।
हर पल प्यार करने को दिल है करता ।
पूजा तो करनी पड़ती है कितनी देर तक ।
प्यार में न जाने कितने बरस पल भर में है गुजर जाते ।
महत्व है दोनो का जिसने दिल से जो भी किया ।
हर पल प्यार प्रभु से उसका बढता गया ।


- डॉ.संतोष सिंह