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Hymn No. 846 | Date: 13-Mar-1999
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मचलता हुआ दिल प्यार में तेरे, फिसलता जा रहा है धीरे-धीरे ।
मचलता हुआ दिल प्यार में तेरे, फिसलता जा रहा है धीरे-धीरे ।
व्याकूल रहती है निगाहें खोजते हुये तुझको दीदार करने के लिये ।
मन का चैन न जाने गया कहाँ, जब तक मुलाकात न होती तुझसे ।
सोया हुआ था जाग उठा हूँ मैं, तेरे प्यार भरी थपकी से ।
क्या कहूँ क्या हो गया, जीवन के हर पल में उमंग छा गयी ।
टिकते नहीं कदम जमीं पे, जब से प्यार हुआ है तुझसे ।
लुट जाने का मन करता है तेरे हाथो, प्यार भरी मुस्कान पे ।
मत पूछ कुछ मुझसे तू, जो हो रहा है प्यार में हो जाने दे ।
प्यार में तेरे पड़के राह देखी है न जाने कब से, मुलाकात हुयी जो आज तुझसे
सारी हसरतें बह चुकी हैं आंसुओ के संग, प्यार में तेरे सिमट जाने दे ।


- डॉ.संतोष सिंह