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My Divine Blessing
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Hymn No. 85 | Date: 04-Mar-1997
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कुछ याद आ रहा है भूले भटके ;
कुछ याद आ रहा है भूले भटके ;
तेरी मेहरबानियों पे टिका है मेरा वजूद ।
अभिमान क्यों करना, सब कुछ दिया हुआ है तेरा ;
छान मारा जग सारा, न पाया कुछ मेरा ।
जीवन के नाद मौत है की मौत के बाद जीवन ;
चाहा बहुत फिर भी ना सुलझा मेरा प्रश्न ।
बेखौफ रहना चाहता हूँ मौत और जीवन से परे,
डरना नहीं चाहता हूँ तुझे दिल से प्यार करना चाहता हूँ ।
हर भेद मिटा दे तू, तुझमें और मुझमें,
डूब जाना चाहता हूँ मैं तेरे वजूद में ।
- डॉ.संतोष सिंह
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