My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 86 | Date: 06-Mar-1997
Text Size
गुनगुनाते है हम तो तेरे ही शब्दों को ।
गुनगुनाते है हम तो तेरे ही शब्दों को ।
क्या है मेरा, सब कुछ तो है तेरा ।
तुझसे ही पाया तुझको ही किया अर्पित ।
अब किस बात का परदा जो तूने, चाहा वो मैंने किया ।
बनाना बिगाडना ये सब तो है तेरे हाथों का खेल
किस बात का रोना सब कुछ छोड देना है तेरे हाथो में ।
दूसरों मे कमियों को क्यों ढूंढ़ना, ना कोई इंसान बिन कमियों का।
अपने कमियों को पहले है ढुंढ़ना, उनसे नाता तोड़ लेना है सदा के लिये ।
प्रभु के प्यारे हम सभी है, फिर आपस में क्यों भेद रखना ।
निगाहो से है बस परदा उठना, प्रभु तो है कण – कण में समाये ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
कुछ याद आ रहा है भूले भटके ;
Next
इंतजार करना है तो कर खुदा का;
*
*