My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 868 | Date: 20-Mar-1999
Text Size
मत पूछ हमसे तू कुछ, बड़ा गुस्सा आता है कभी कमार तुझपे ।
मत पूछ हमसे तू कुछ, बड़ा गुस्सा आता है कभी कमार तुझपे ।
जानके सब कुछ जब तू ये कहता है क्या हुआ था, तब अचकचा उठते है हम।
जान नहीं पाता हूँ मै, कैसे कर लेता है तू नाटक इतना बढ़िया ।
कर लेता काम किसी सिनेमा वाले के संग, मिल जाता अवार्ड फिल्म फेयर या ऑस्कर ।
हर रोज खेल खेलता है तू हम सबके संग, जीतते-जीतते हारते हैं हम ।
हारते हुये भी तू जीत जाता है, दुख की बात है बाजी को समझे बिना खेल जाते है हम ।
राज की बात बताऊं खेलना छोड़ दे संग हमारे, भाग ले ले किसी ओलंपिक एशियाड में ।
यह देश दस-बीस सालों में जीतता है, कोई एकाध मैडल भी भाग्य के सहारे ।
जो तू खलेंगा हर साल होगी बरसात मेडलों की तुझपे और इस देश पे ।
माफ करना तू हमे समझा नहीं पाता, अनोखा है हर क्रिया कलाप तेरा ।
खत्म करते हुये इतना जरूर कहूँगा, प्यार करना और निभाना कोई तुझसे सीखे
हम भी सीना तान के कहते है, आगे बढ़ ना उसके तो पीछे हटना हमारा काम नहीं ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
मचलने से खुद को रोक नहीं पाता हूँ जब याद आ जाती है तेरी दिल को।
Next
तेरे नाम का जाम का दाम होगा इतना, आधी उम्र गुजर गयी चुका नहीं पाया।
*
*