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Hymn No. 874 | Date: 23-Mar-1999
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जो हो रहा है, वो तो होना था, तेरी कृपा से मुझे तेरे पास आना था ।
जो हो रहा है, वो तो होना था, तेरी कृपा से मुझे तेरे पास आना था ।
अबुझ है हमारे लिये जीवन की राह, तेरा तो सब कुछ है जाना-पहचाना ।
वो अलग बात है तू मस्त रहता है, अपने आनंद में, मतलब होके न रहता किसीसे ।
कैसे कर लेता है तु ये सब, जानते हुये सब कुछ ।
सीखा दे हमें जीना तेरी तरह मिला न मिला मस्त रहे तुझमें ।
समा बंध जाता है जब तू साथ हमारे है होता ।
खुदा तेरी कसम बयाँ न कर सकता हूँ, क्या से क्या हो जाता हूँ ।
रंग लगाया न जाने कौन सा दिल को मेरे, चैन न लेने दूंगा तुझे ।
हर दुरियों को मिटा दूंगा तेरा साथ पाने के लिये, आराम हराम कर दूंगा अपना।
तेरा साथ चाहे है हर पल, जाता हुआ लग रहा है जीवन का हर सुख-दुःख ।


- डॉ.संतोष सिंह