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Hymn No. 878 | Date: 24-Mar-1999
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खत्म होती कहानी शुरु हो गयी, प्यार पाके तेरा ।
खत्म होती कहानी शुरु हो गयी, प्यार पाके तेरा ।
जीवन का अंत जब सोचा था, तब शुरूआत हुआ नवजीवन का ।
तेरे प्यार क पहला घूंट पीते ही, भान हुआ संसार का ।
जिनको अपना समझा था, वो तो निकले माया की छाया ।
जब दम टूटने की पारी आयी, संजोया हुआ बिखरता पाया ।
प्यार में तेरे भूले जब अपने आपको, तो मौत को दम तोड़ते देखा ।
तेरे साये में रहके संसार को बदलते देखा हर रहस्यों पर से परदा उठते देखा।
संसार के नियमानुसार होश खोते जा रही हूँ, सच पुछो तो अब होश में आ गया हूँ ।
जीवन के हर शक को घुलते देखा, परम विश्वास से ब्रह्मांड को आनंद में तैरते पाया ।
अबूझ दुनिया को पैरों में मेरे लौटते पाया, खुद को खुदा में समाते देखा ।


- डॉ.संतोष सिंह