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Hymn No. 879 | Date: 24-Mar-1999
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मत तडपा तू हमें इतना, दाग लग जाये दामन पे तेरे ।
मत तडपा तू हमें इतना, दाग लग जाये दामन पे तेरे ।
हम न कहेंगे किसीसे, तडप देखके हमारी बतकही करेंगे लोग ।
ख्वाहिश न है प्यार मेरा, ये तो तरंग है जो निकली दिल से ।
आरझू न है कोई है तुझसे, मैं तो प्यार का शिकार हूँ ।
कब कैसे हुआ तुझसे, जान न सका मै खुद भी ।
आज मेरा प्यार है एकतरफा तो क्या, तू भी करेंगा स्वीकार ।
कहाँ हुआ करना आता है, जो आना है उसे निभायेगे ।
प्यार तो हो गया है तुझसे, तुझको अपना बनाना आता है ।
सता ले आज तू कितना भी, मानेंगे न हम बिन प्यार किये ।
तेरी इक मुस्कान पे कुर्बान हो जाने को तैयार है कई-कई बार ।


- डॉ.संतोष सिंह