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My Divine Blessing
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Hymn No. 89 | Date: 20-Mar-1997
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ना सता तू मुझे इतना, रंज हो मुझे मेरी किस्मत पे
ना सता तू मुझे इतना, रंज हो मुझे मेरी किस्मत पे
बता दे मुझे बस इतना, तेरे दीदार के लिये क्या करना है ।
दूसरों के रहमों करम पे जीते है उधार की है मेरी जिंदगी ।
मेरी बातें लगे नागवार तो माफ करना, तेरे बिन कडती है जिंदगी ।
बगावत करना नहीं चाहता हूँ पर मन मेरा धिक्कारे बार – बार ;
तेरे चरणों में अपना सर कलम करके चढाना चाहता हूँ कई बार ।
तेरी प्रीत का नशा चढा है इतना ; कहीं भी जाऊँ, चला आऊँ तेरे दर पे,
खुली आँखों के सामने, तुझे पाऊँ, बंद आँखों के पीछे तू ही तू है ।
हैरानी की क्या बातें है दिल हो गये है हम सबके पत्थरों के –
तम के अंधेरो के संग मिल के जिंदा ही बदल डाला तुझको पत्थरों के मूरत में
माफ करना पड़ेगा तुझे हम सबको एक नहीं कई - कई बार
भटकने से बचाना होगा ऊँगली थामके रास्ता दिखाना होगा ।
- डॉ.संतोष सिंह
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डरना नहीं है अब किसी से प्यार करना है सबसे,
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खाते है कसमें झूठी तेरी ; तेरे घर में रहके रखते है बैर तुझसे ।
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