My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 90 | Date: 20-Mar-1997
Text Size
खाते है कसमें झूठी तेरी ; तेरे घर में रहके रखते है बैर तुझसे ।
खाते है कसमें झूठी तेरी ; तेरे घर में रहके रखते है बैर तुझसे ।
अपनी एक गलती को ढकना चाहते है अपने ही हजार झूठों से ।
तुझसे वादा करके भी वादा खिलाफी करते है हर बार ।
मन के संग उडते है इस जगत में गिरने पर याद आती है तेरी ।
जोश में होश खो के घमंड के साथ रहते है ।
सर फोड़ी करते है अपने ही लोगों से;
ईर्ष्या के चलते खैर रखते है लोगों से, गुजर जाने पे उम्र, याद करते है तुझको ।
बेबस मन असहाय तन अविश्वास का संग ले खुद को तुझसे दूर कर लेते है ।
मंजिल नजर आने पर भी हो जाते है दूर मंजिल से अपनी गलत आदतों के चलते ।
जिंदगी को सत्य मानके मृत्यु से डरते है भ्रमित मन के कारण ।
कुर्बान कर देना है सब कुछ तुझपेआज नहीं तो कल तेरे पास जाना है ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
ना सता तू मुझे इतना, रंज हो मुझे मेरी किस्मत पे
Next
बनना मुझको वही जो उसको है मुझको बनाना ।
*
*