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Hymn No. 91 | Date: 26-Mar-1997
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बनना मुझको वही जो उसको है मुझको बनाना ।
बनना मुझको वही जो उसको है मुझको बनाना ।
चाहता हूँ मैं सब कुछ जो उसको है मुझको देना ।
किस बाते का है परदा जब दिल है जुड़ा तुझसे ।
दूर में हूँ तुझसे पर तू ना है मुझसे ।
याद आती है मुझे, तो याद आती होगी तुझे ।
कर्म करते है जीने के लिये, जीवन जीते है तेरे लिये ।
मन में अगर कोई भेद है तो मिट जायेगा जो तू साथ होगा ।
दिल रूठा है टूटा ना कभी तुझसे सदा तेरा गीत गायेगा।
जीतने की तमन्ना ना है जो होगा देखा जायेगा ।
ऐ खुदा जो तेरा साथ पा गये तो हर धर्म निभाते जायेगे ।


- डॉ.संतोष सिंह