My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 891 | Date: 28-Feb-1999
Text Size
प्यार की आग बठ़ती जाये मन में, खाक हो जाये तन मेरा ।
प्यार की आग बठ़ती जाये मन में, खाक हो जाये तन मेरा ।
तब आयेगा दिल को चैन, जब टूटेगा तन-मन का हर बंधन ।
गगन हो या जमीं, महक हो हर ओर फिजा में तेरी ।
हर अहसास निकल जायेगा, प्यार बनके दामन में तेरे समा जायेगे ।
गायेगा तू गीत, जन्म होगा हमारा तुझसे नगमों के रूप में ।
वादियों में होगा चारो ओर संगीत, हम तू बनके झूमा करेंगे ।
शब्द सीमा में बंध जायेगे, जब दिल- दिल में डूब जायेगे ।
खुशी और दुख का अहसास न होगा, चारो ओर आनंद की बहार होगी ।
थोथापन उभर आता है, जब शब्दों से करता हूँ प्यार का इजहार ।
मौन हो जाने का दिल करता है, कुछ न होके तेरा हो जाना चाहूँ ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
मिलने को जो था, वो मिल गया मुझे ।
Next
चल पडा, चल पड़ा तेरी ओर परिणाम की परवाह न है मुझे ।
*
*