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Hymn No. 901 | Date: 31-Mar-1999
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देखके प्यार हमारा तू नजरें न झुका, दिल से दिल को बतिया लेने दे ।
देखके प्यार हमारा तू नजरें न झुका, दिल से दिल को बतिया लेने दे ।

काबिल न हुये हैं हम तेरे वास्ते अब तक, दिवाना दिल मिटा देगा हर भेद को।

प्यार में न सुनेंगे हम कोई बहाना, चूमने निकला हूँ उससे कम में न मानूँगा ।

सजा का भय न तू हमें दिखाना, तुझसे दूर रहने से बढके क्या कोई है सजा ।

रजा तेरी आज न है तू क्या से, महोब्बत की तपन होगी इतनी पिघल जायेगा तू ।

गाता हूँ गीत दिल की गहराइयो से, विरह के आंसू शब्द बनके उभरते है नजरो में ।

प्यार के सिवाय कुछ न है पल्ले पड़ता, तुझे पल्ला न झाडने देंगे इतनी आसानी से ।

चीर के रख दूंगा दिमाग को, अगर आयेंगा आड़े हमारे प्यार की राह में ।

हालत बद से बदतर होती जा रही है, दिल के आग में होशो-हवास खोता जा रहा हूँ ।

पाने की चिंता न है मुझे, प्यार की चिंता सजाये बैठा हूँ तेरे चरणों की धूल बनने के वास्ते ।


- डॉ.संतोष सिंह