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Hymn No. 908 | Date: 02-Apr-1999
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वा ड डा क ड डा, क ड डा, क ड ड, क क ड ड डा, क क ड ड डा डा श्री नमः
वा ड डा क ड डा, क ड डा, क ड ड, क क ड ड डा, क क ड ड डा डा श्री नमः
हमें लोभ न है तेरे धाम का, हम तो हो चुके मगन तेरे नाम में ।
भान क्यों करूं किसी विशेष का, मैं तो शेष हो चुका तेरे नाम में ।
जाम का अब क्या काम जो कर ली हमने तेरे नाम की सुरापान ।
भंग न हो सकता है, मेरे अंग अंग पे जो तेरा रंग है चढ़ चुका ।
ढूँढने नहीं जाना पड़ता किसी गली में, पाता हूँ हर पल तुझे करीब अपने ।
झूमने को सहारा न चाहिये किसीका, झूमता हूँ हर पल तेरे ख्यालों में ।
बकवास लगता है सब कुछ, जब तुझे टकटकी बांधके देखता हूँ ।
तेरी हर अदा में है इतनी ज्यादा नफासत, बरबस कह उठता हूँ सुमान अल्लाह
वल्लाह जो तुझमें बात है, ढूंढे नहीं मिलती संसार में ।
तुझसे मुलाकात के वास्ते न कर पाऊंगा इंतजार कयामत का मैं तो चला कुर्बान होने ।


- डॉ.संतोष सिंह