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Hymn No. 927 | Date: 06-Apr-1999
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कब आयेगा वो समय, जब भूला देंगे सब कुछ प्यार में तेरे ।
कब आयेगा वो समय, जब भूला देंगे सब कुछ प्यार में तेरे ।
डरके कुछ करना नहीं चाहता, मस्त रहूँ प्यार में तेरे ।
प्यार ही पुजा हो, प्रभु मेरा यार हो, दुजा कोई भाव न हो ।
मन में उपजता है भेद, आधे-अधुरे ज्ञान से ।
दिल तड़पता है हर पल, तुझसे प्यार करने के लिये ।
तोड देना चाहता हूँ तेरे प्यार को पाने के लिये तन-मन की बंन्दिशो को।
मान न मान अपना अहसास करके दूर हो जाते है तुझसे ।
बेकरार हूँ मैं खोने के लिये सब कुछ तैयार हूँ तेरे पास आने के लिये।
निःसंकोच संग तेरे चलने को हूँ तैयार मैं, ले जा तू मुझे किसी राह पे।
गुजार देने को तैयार हूँ, सारी जिंदगी बनके तेरा मुलाजिम ।


- डॉ.संतोष सिंह