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Hymn No. 934 | Date: 07-Apr-1999
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जीवन की नैया का खेवैया, रहना तू सदा साथ हमारे ।
जीवन की नैया का खेवैया, रहना तू सदा साथ हमारे ।
मझधार में करते है याद तुझको, किनारे पे न भूलें कभी ।
डूबने से न डरें कभी, वास करना डूबने पे भी हमारे दिलों में ।
रिश्ता जो कायम किया है तुझसे, टूटने न देना कभी ।
अटूट रहे श्रद्धा हमारी, विश्वासों से भरा हुआ मन का कोना रहे ।
अंकुरित हुआ है दिलों में हमारे, तेरे प्यार की कली मुरझाने देना न कभी ।
हाथों में रहे पतवार तेरे, हमको खबर न रहे किसी और की ।
जिधर तू चाहे ले चलना, हमारी क्षुद्रता को भूलाके ।
आयेगी आंधियाँ मन में हजार, दिल जुड़ा रहे हर पल तुझसे ।
बह न पाये मन के किसी सैलाब में, दिल खो जाये इतना तुझमें ।


- डॉ.संतोष सिंह