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Hymn No. 946 | Date: 09-Apr-1999
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हमारे प्यार को तू बदलता है गीतो में ।
हमारे प्यार को तू बदलता है गीतो में ।
दिल में जन्म देता है तू उमंगो की तरंगो को ।
हमारी नींद में आके तू ख्वाबों को बुनता है ।
जीवन जीना सीखाता है तू प्यार भरी चपाट लगाके ।
अहसास तेरा होते ही. ये दिल झूम के है गाता ।
हमारे तन-मन में तू श्वासों के जरीये प्राण बनके है आता ।
कई बार हमको पता नहीं चलता, तू क्या है कर जाता ।
हँसके-हसाके अहसास कराता है तू श्वास आनंद का ।
सहता है तू अपने तन पे, हमारे घोर कर्मों को ।
जब भी पाया देखा तुझे जीवन जीते औरों के लिये ।


- डॉ.संतोष सिंह