VIEW HYMN

Hymn No. 953 | Date: 11-Apr-1999
Text Size
भर दे तू हममें इतना प्यार का जनून, आये न कोई दूसरा भाव ।
भर दे तू हममें इतना प्यार का जनून, आये न कोई दूसरा भाव ।
तेरे प्यार के नशे में चूर रहूँ इतना, कोई दूसरा ख्याल न हो मन में ।
बेचैन करता रहे प्यार तेरा दिल को, मिलन की तैयारी करे हर पल ।
भूत सवार हो हमपे तेरे प्यार का ऐसा, भूल जायें हम उसमें अपने आपको ।
तेरे प्रति मुहौब्बत का ज्वार उमड़े इतना, राह की हर बाधा खोये हुये पार कर जाये ।
करुँ मै तुझसे प्यार इतना, अहसास न हो दिल को अकेले होने का ।
प्यार की आग पल पल बढ़ती रहे, खाक हो जाऊँ उसमें तेरा कहलाने के लिये।
जुदाई सब की सह सकता हूँ मैं, पल भर की तेरी जुदाई सह न पाऊंगा ।
विसार देना चाहता हूँ अपने आपको सरेआम दीदार करुँ अपने प्यार का ।
दिया हुआ तेरा सब कुछ है, देना है तो देदे प्यार और प्यार ।


- डॉ.संतोष सिंह