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Hymn No. 956 | Date: 11-Apr-1999
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अंदाज मोहब्बत का हमे न था, प्यार का कोई अनुभव न था ।
अंदाज मोहब्बत का हमे न था, प्यार का कोई अनुभव न था ।
हर पल कुछ अलग होता है, जब देखो तब मस्ती का आलम होता है ।
समय गुजर जाता है, पल भर का अहसास छोड जाता है दिल पे ।
जवाँ-जवाँ लगता है सब कुछ, देखा सुना भी नया-नया है लगता ।
हर दुःख हवा हो जाता है, अहसास नहीं रहता अपने प्यार के सिवाय ।
पल भर को बिछड़ने का न है मन करता, हर पल चाह रहती है मिलन की ।
जागते हुये देखते हैं ख्वाब, नींद में भी देखते हैं ख्वाब, प्यार के संग बीतता है हर पल ।
मन में कोई भेद नहीं रह जाता, जो दिल खोया रहता है प्यार में हर पल ।
प्यार में वजूद न है किसीका, वजूद के बिना प्यार संभव न है किसीसे ।
प्यार एक बार को जो हो गया, कोई भी हो पगला जाता है प्यार की दीवानगी में ।


- डॉ.संतोष सिंह