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Hymn No. 957 | Date: 12-Apr-1999
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होगा जग में बहुत कुछ महत्वपूर्ण, मेरे लिये तो है सबसे महत्वपूर्ण तू ।
होगा जग में बहुत कुछ महत्वपूर्ण, मेरे लिये तो है सबसे महत्वपूर्ण तू ।
होंगे जग में एक से एक निराले, मेरे लिये तो है तू सबसे निराला ।
होंगे जग में सुंदर कई, मेरे लिये तो तू है सबसे ज्यादा सुंदर ।
होंगे जग में बुद्धिमान कई, तेरे आगे पानी भरते देखा सबकी बुद्धि को ।
होंगे जग में अपने-अपने क्षेत्रों के अनेक नायक, इस ब्रह्मांड में एक तू ही है महानायक
खुद के वश में न है कोई, तेरे वश में तो है जग सारा ।
माने या न पहचाने कोई तुझे, तेरी कृपा से कुछ-कुछ हम पहचान गये ।
क्षुद्र के मन और बुद्धि से परे है तू, दिल की आखों से छुप न सकता है तू ।
मिल के क्या मिलेगा इस संसार से, जब शाश्वत तेरा साथ पा गये ।
तरने की चिंता न है मुझे, हम तो तेरे प्यार में खोना चाहते हैं खुद को ।


- डॉ.संतोष सिंह