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Hymn No. 964 | Date: 13-Apr-1999
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अच्छी लगती है हर वो बात जो जुड़ी रहती है तुझसे ।
अच्छी लगती है हर वो बात जो जुड़ी रहती है तुझसे ।
कहने को करता है दिल मेरा, हर पल कोई न कोई बात तुझसे ।
सोये हुये ये सोचता हूँ, तेरे पहलु में छुपा हुआ हूँ ।
बैठना चाहता हु जब भी कहीं, तेरे चरणों के इर्द-गिर्द ।
नजरों ही नजरों से पीता रहूँ, छलके हुये तेरे प्यार के जाम को ।
किसी काम का न रहूं, तेरे कदमो को धोता रहूँ आसुओं से अपने ।
हठ नहीं करना चाहता, रट लगाना चाहता हूँ तेरी ।
अपने आपको भुलाके, सदा के लिये खो जाना चाहता हूँ ख्वाबो में तेरी ।
ऐसा कुछ न है मेरे पास, जो दे सकूँ सौगात में तुझे ।
तुझसे मिला हुआ प्यार है, जो करना तू स्वीकार समझके प्यार मेरा ।


- डॉ.संतोष सिंह