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Hymn No. 974 | Date: 15-Apr-1999
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तेरे नाम का दिवाना बना ये मस्ताना, परवाना था अब तक तेरे प्यार में दिवाना बना ।
तेरे नाम का दिवाना बना ये मस्ताना, परवाना था अब तक तेरे प्यार में दिवाना बना ।
छायी मस्ती तेरे प्रीत की ऐसी बन गया दीवाना से मैं मस्ताना ।
तेरे प्यार के चक्कर में एक ही जन्म में रूप बदले न जाने कितनी बार ।
हम तो मस्त हुये तेरे प्यार की मस्ती में, भूलके सारी दुनियादारी को ।
मेरे बस की बात न थी, तेरे प्रेम के चक्कर में सबका होता है हाल ये ।
नजरों से पिलाता रहा मस्ती का जाम, होने न दीया तूने खबर हमको ।
वल्लाह घायल करती थी अब तक तेरी निगाहें, मुस्कान भी कातिल कम नहीं।
तेरी हर अदा का कोई जवाब नहीं, हमारे दिल को कोई और ख्याल नहीं ।
मिट चुका हूँ मै तेरे प्यार में, होश की बात अब तू न करना ।
मस्त रहने दे मुझे मस्ती में, बन चुका हूँ तेरे प्यार में किवदंती ।


- डॉ.संतोष सिंह