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Hymn No. 983 | Date: 17-Apr-1999
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अंदाज न लगाना तू हमारे प्यार का, यार धोखा खा जायेगा ।
अंदाज न लगाना तू हमारे प्यार का, यार धोखा खा जायेगा ।
डूबे हुये है हम इसमें सनम, जो तूने हाथ पकडा तुझे से डूबेगें ।
इसमें दोष कोई न है हमारा, ये तो तेरे प्यार का है जूनून ।
जो सर से पैर तक है हमपे छाया, कर देगा मदहोश तुझे भी ।
बताने और जताने से दूर, छायी हुयी है हमपे तेरी मस्ती ।
तू रहे करीब या दूर मस्त हो गये, हम तेरे प्यार की मस्ती में ।
काफूर होता जा रहा है मेरे मन का इक-इक कोना डूबके मस्ती में ।
अब न आता है हमको किसी पे रोष, जोश जो रहता है मस्ती का ।
कैसे बताऊं क्या हाल होता है, जब देखो तब ख्याल रहता है मस्ती का ।
मस्त हो गया बनके मस्ताना, तेरा प्यार पाके अपनी मस्ती में ।


- डॉ.संतोष सिंह