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Hymn No. 995 | Date: 20-Apr-1999
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होगा न जब तक प्यार उससे अगाध, कैसे मिलेगा साथ ।
होगा न जब तक प्यार उससे अगाध, कैसे मिलेगा साथ ।
करना होगा उसपे अटूट विश्वास, पुकारने पे चला आयेगा वो ।
श्रद्धा के सुमन चढ़ाते रहना होगा, निरंतर तभी बैठेंगा तारतम्य ।
अथाह भाव होंगे दिल में, पल भर में अवतरित होगा पास हमारे ।
ख्याल छूटेगा मन में से सबका, तभी तो ख्वाबो में होगा वो ।
दिन हो या रात दूजी हो न कोई बात, तभी तो गूंजेगी दिल में उसकी आवाज।
आस्था रखनी होगी बरकरार, जीवन में आते जाते रहे कैसे भी क्षण ।
अनवरत प्यार का दीप जलाये रखना होगा. मन के चंचल थपेड़ो से बचाते हुये
डूबना होगा प्यार के आनंद में उसको, छाप न पड़े चित्त पे अनहोनियों की ।
रखना होगा परम विश्वास अपने प्यार पे, जन्म-मरण से परे बंध जायेंगे-बंधन में उसके ।


- डॉ.संतोष सिंह