My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 997 | Date: 20-Apr-1999
Text Size
कब होगी साध पूरी मेरे दिल की, जब नित्य करीब होगा तू मेरे ।
कब होगी साध पूरी मेरे दिल की, जब नित्य करीब होगा तू मेरे ।
मैं मिलन चाहता नहीं तू बनने के लिये, तल्लीन हो जाना चाहता हूँ तुझमें ।
हाल जो भी होगा तन का होगा, मन तेरी असीमता में मिल जाना है चाहता।
तसवीर उभरती है धुंधली सी दिल में मेरे, जहाँ शोर हो या सन्नाटा सबपे छाँव हो तेरी ।
हर तरफ अंधकार से भरी रोशनी हो, हमे कुछ अहसास न हो फिर भी दिल पे तेरी छाप हो ।
अलग-अलग रहके जुड़ा हो सब कुछ तुझसे, शब्द भी आकार ग्रहण करे तुझसे ।
पांचो महाभुज होके न रहें, तेरे अहसास के सिवाय कुछ भी न हो ।
अहसास तो अलग करता है तुझसे, तेरा अहसास न होके तू ही तू रहे ।
ऐ खुदा आकार हो तेरा निराकार के रूप में कर दे मेरा सपना साकार तू ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
छीनने को छीन लेना मुझसे तू सब कुछ, मन में उफ न करेंगे हम ।
Next
अंदाज लगाने निकला हूँ, मैं तो प्यार का मुसाफिर हूँ ।
*
*