My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 998 | Date: 21-Apr-1999
Text Size
अंदाज लगाने निकला हूँ, मैं तो प्यार का मुसाफिर हूँ ।
अंदाज लगाने निकला हूँ, मैं तो प्यार का मुसाफिर हूँ ।
जो प्यार करता है तुझसे हर पल, रख दे चाहे तू सुख या दुःख में ।
फरियाद करना नहीं चाहूँ तुझसे, तू याद कर लेने दे मुझे ।
गाता हूँ गीत प्यार का जो ख्वाबों में देखे थे हमने संग तेरे ।
लुटाने को कुछ नहीं है मेरे पास, लुट चुका हूं तेरी मुस्कान पे ।
घायल रहता है दिल बिचारा, नयनों से बाण चलाके हाल तू पूछता है ।
कर दे तू किस्सा ये तमाम, शुरुवात में मिलन हो जायेगा हमारा ।
रह न गया है पास कुछ मेरे, मेरा मैं भी तेरे काम आ गया ।
जाता है कुछ तो जाने दो, प्यार जब फूटेगा तो प्यार ही निकलेगा ।
बहते हुये को क्या रोकना, यहाँ-वहाँ कहीं से तो निकल जायेगा ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
कब होगी साध पूरी मेरे दिल की, जब नित्य करीब होगा तू मेरे ।
Next
प्रभु देना जो भी तू सजा, रहना सदा साथ हमारे ।
*
*